कश्मीर – दो मौसम दो वजय

कश्मीर - दो मौसम दो वजय

कश्मीर को धरती का स्वार्ग माना जाता है और इस स्वार्ग में आने के दो मौसम है। दोनों मौसम मे यहां आने की अलग – अलग वजय है . यदि आपको बर्फ देखनी है तो आप सार्दियों में यहा आकर चारों तरफ बर्फ देख सकतें हो। यहां सर्दियों मे आप बर्फ की गतिविधियां कर सकते हो जैसे कि सनो स्की, सनो बाइकिंग, सलेज, सनो ट्रेक्कींग, ऐ टी वी बाइक राइड आदि और यदि आप गर्मी मे यहा आते हो तो आपको यहा चारों तरफ हरियाली देखने को मिलेगी आप कश्मीर के मैदानों और बागो मे भांति भांति के फूल देख सकते हो। आप गर्मी के मौसम मे डल झील मे शिकारा की स्वारी करके झील मे लगे बेहद ही खूबसुरत फूलों को देखने का लूफत उठा सकते हो और डल झील मे बसे बाजारों मे खरीद दारी कर सकते हो आप गर्मी के मौसम मे गुलमर्ग के मैदानों मे घूडस्वारी भी कर सकते हो. दोनो मौसम मे आपके पास दो अलग-अलग वजय मिलती है कश्मीर घुमने आने की। कश्मीर के हर जगह की अपनी विशेषताएं है।

दिल्ली से कश्मीर कैसे पहुंचे?

कश्मीर में जगहें घूम सकते होआप कश्मीर में निम्नलिखित जगहें घूम सकते हो-

दूदपथरी (बड़गाम)
डल झील (श्रीनगर)
खिलनमर्ग (गुलमर्ग)
आरू वैली (पहलगाम)
बेहताब वैली (पहलगाम)
जीरो पॉइंट (सोनमर्ग)
स्ट्रॉबेरी वैली (गुलमर्ग)
अफरवत (गुलमर्ग)

ये कश्मीर के कुछ प्रमुख टूरिस्ट स्थान है, इसके अलावा भी कश्मीर में आप काफी जगहें घूम सकते हैं।
घूमने के अलावा कश्मीर ट्रैकरस के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। यह हर साल काफी ट्रैकर्स कश्मीर की ऊंचाइयों पर स्तिथ झीलों के ट्रैक्स करने आता है। जो की बेहतरीन दृश्यों से भरपूर है।

कश्मीर में निम्नलिखित जगहें घूम सकते हो
दिल्ली से कश्मीर कैसे पहुंचे?

दिल्ली से कश्मीर का ये 811 किलोमीटर का सफर हम तीन तरीकों से कर सकते हैं-
हवाई यात्रा-
दिल्ली से श्रीनगर (कश्मीर) की बहुत सी सीधी फ्लाइट है, तो आप मात्र 3000 – 4000 रूपये खर्च करके सीधे दिल्ली से 2 घंटे में कश्मीर पहुँच सकते हो।

दिल्ली से कश्मीर कैसे पहुंचे?
ट्रेन-
दिल्ली से कश्मीर की कोई सीधी ट्रेन तो नहीं है, पर आप दिल्ली से जम्मू तक का सफर ट्रेन में तय कर सकते हो। और फिर जम्मू से कश्मीर बस में आ सकते हो या आप जम्मू से बनिहाल तक बस में आकर बनिहाल से श्रीनगर ट्रेन में आ सकते हो जिसकी टिकट मात्र 20 रूपये की है।
बस-
दिल्ली से श्रीनगर कश्मीर की सीधी 1 ही बस है जो की दिल्ली के कश्मीरी गेट बस अड्डा से चलती है। उसके अलावा आप दिल्ली से जम्मू तक बस में आ सकते हो और उसके बाद जम्मू से कश्मीर के लिये आपको बस और टैक्सी मिल जाएगी।
उम्मीद है आपको ये कश्मीर के बारे में मेरे द्वारा लिखी जानकारियाँ पसंद आयी होगी।

॥आपकी यात्रा मंगलमय हो॥

तीर्थन नेचर कैम्प्स – तीर्थं वैली की एक कैंपसाइट

तीर्थन नेचर कैम्प्स - तीर्थं वैली की एक कैंपसाइट

“पिंजरे में कैद पंछी को देखकर ख्याल आया कि कितना खुशनसीब हूँ मैं, 

उड़ने को पंख नहीं पर खुला आसमान तो हैं।”

 कुछ ऐसे शब्द मेरे दिल में आये जब मैं पुरानी दिल्ली कि एक पैट शॉप के सामने से गुजरा और फिर मैंने अपना हिमाचल प्रदेश का सफर शुरू किया। मैं हिमाचल प्रदेश पहले भी कई बार आ चूका था, पर इस बार मैंने घूमने के लिए एक ऐसी जगह चुनी जो कि आकर्षक दृश्यों से भरपूर थी और यहां बहुत कम लोग आते थे – तीर्थन वैली।
तीर्थन नेचर कैम्प्स - तीर्थं वैली की एक कैंपसाइट
तीर्थन वैली – पिक्चर क्रेडिट – अश्वनी कपूर

 

हिमाचल प्रदेश में सभी जगहें अपने-अपने कारणों से मशहूर हैं, जैसे कि मनाली एडवेंचर्स के लिए, धर्मशाला योग और मैडिटेशन के लिए, किन्नौर यात्राओं के लिए और स्पीति वैली बुद्धिस्ट कल्चर के लिए। ऐसे ही तीर्थन वैली मशहूर हैं अपने सुन्दर दृश्यों और हिमाचल की स्थानीय संस्कृति  के लिए। यहां आकर आपको हिमाचली खाना, स्थानीय संस्कृति, पुरानें घर, और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा। इसके अलावा तीर्थन वैली में दा ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क हैं जो कि UNESCO द्वारा निर्धारित विस्व धरोहर है।
तीर्थन नेचर कैम्प्स - तीर्थं वैली की एक कैंपसाइट
श्री खेम भारती और उनकी पत्नी – पिक्चर क्रेडिट – हिना रहेजा

मेरे इस तीर्थन वैली के सफर में, मैं एक कैंपसाइट में ठहरा जिन्होंने मुझे बहुत अच्छी सुविधाएँ दी। तो आज मैं इस कैंपसाइट के बारे में बताऊंगा इस पोस्ट में। इस बेहतरीन कैंपसाइट का नाम- तीर्थं नेचर कैम्प्स है। ये कैंपसाइट तीर्थन वैली के ही रहने वाले एक दम्पति – श्री खेम भारती और उनकी पत्नी  द्वारा चलायी जाती है। मेरे इस तीर्थन वैली के सफर को बेहतरीन बनाने में इन दोनों का बहुत बड़ा योगदान रहा। ऐसा स्वागत और सत्कार मैंने हिमाचल प्रदेश में पहले कभी अनुभव नहीं किया।

तीर्थं वैली की एक कैंपसाइट
हिमाचली थाली
इस तीर्थन वैली के सफर में, मैं अकेला ही निकला था, और वहां पहुंचकर रहने का स्थान ढूंढ रहा था, जो कि कम पैसों में हो और मुझे स्थानीय हिमाचली संस्कृति के रु-ब-रु करवा सके। फिर मुझे किसी ने तीर्थन नेचर कैम्प्स में रुकने कि सलाह दी, जो कि मेरे बजट में था और बहुत ही सुन्दर जगह पर स्थित था।
तीर्थन नेचर कैम्प्स - तीर्थं वैली की एक कैंपसाइट
स्विस कैंप
तीर्थन नेचर कैम्प्स, तीर्थन नदी के किनारे स्थित एक बहुत ही सुन्दर कैंपसाइट है। हमें यहां पर ठहरने के लिए काफी विकल्प मिल जाते है। यहां पर छोटे से लेकर बड़े काफी कैम्प्स लगे हुए है। बड़े कैम्प्स में 4  व्यक्ति भी ठहर सकतें हैं और उनमे शौचालय भी साथ में जुड़ा हुआ है। हिमाचल प्रदेश कि संस्कृति को देखने का मेरे बहुत पहले से मैं था जो कि यहां आकर पूरा हुआ। यहां पर मैंने स्थानीय हिमाचली थाली खाने का लुफ्त उठाया जो कि बहुत ही स्वादिस्ट थी। तीर्थन वैली में हमेशा ही तापमान कम रहता है, तो रात को उन्होंने कैंपसाइट में बोनफायर कि सुविधा भी दी।
तीर्थन नेचर कैम्प्स - तीर्थं वैली की एक कैंपसाइट
तीर्थन नदी
जैसे कि मैंने पहले भी बताया कि ये कैंपसाइट तीर्थन नदी के किनारे स्थित है, इस कारण से मुझे काफी पंछी देखने को मिले जो कि बहुत कम पाए जाते है। मैंने एक अच्छी कीमत पर बहुत ही अच्छा स्टे किया।
तीर्थन नेचर कैम्प्स - तीर्थं वैली की एक कैंपसाइट

श्री खेम भारती
उम्मीद है आपको भी मेरे इस तीर्थन नेचर कैम्प्स में ठहरने कि कहानी पसंद आयी होगी। यदि आप भी तीर्थन वैली में घूमने आने का विचार कर रहे हो तो मैं इस कैंपसाइट- तीर्थन नेचर कैम्प्स में रुकने का सुझाव दूंगा।
आप यहां ठरहने के लिया श्री खेम भारती से संपर्क कर सकते हो-
मोबाइल नंबर- +919459101113

॥आपकी यात्रा मंगलमय हो॥